Purchase mobileappIcon Download our Mobile App
Call Us at 011-40705070  or  
Click to Call
Select your Board & Class
  • Select Board
  • Select Class

5 poems on seasons of india in hindi

Asked by Ashukumar(student), +1 more on 31/10/12

Answers

bol

Posted by Anushka Dakre(student), on 22/7/12

 here is one झुक गईं शाखाएँ स्वागत में तुम्हारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।

बुझ गई प्यासी धरा की है पिपासा,
छँट गई व्याकुल हृदय से अब निराशा,
एक अरसे बाद आयी हैं फुहारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।

धान के पौधों को जीवन मिल गया है,
धूप से झुलसा चमन अब खिल गया है,
पर्वतों पर गा रहे हैं गान धारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


पंचमी पर नाग-पूजा रंग लाई,
आसमानों में घटा घनघोर छाई,
बह रही पुरवाई की शीतल बयारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।



Posted by Himanshu Sharma(student), on 20/1/13

 njj

Posted by Rohit(student), on 16/2/13
Ask a QuestionHave a doubt? Ask our expert and get quick answers.
Show me more questions

 
Start Practising
Enter your board and class for better results:
    Start
    close