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5 poems on seasons of india in hindi

Asked by Ashukumar(student) , on 31/10/12


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 here is one झुक गईं शाखाएँ स्वागत में तुम्हारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।

बुझ गई प्यासी धरा की है पिपासा,
छँट गई व्याकुल हृदय से अब निराशा,
एक अरसे बाद आयी हैं फुहारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।

धान के पौधों को जीवन मिल गया है,
धूप से झुलसा चमन अब खिल गया है,
पर्वतों पर गा रहे हैं गान धारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।


पंचमी पर नाग-पूजा रंग लाई,
आसमानों में घटा घनघोर छाई,
बह रही पुरवाई की शीतल बयारे।
आ गई वर्षा हमारे आज द्वारे।।



Posted by Himanshu Sharma(student)on 20/1/13

 njj

Posted by Rohit(student)on 16/2/13

i want poems on all seasons not one

Posted by Justin(student)3 weeks, 3 days ago

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