4... 5 muhavre lekar kahani banaye

मित्र हम आरंभ करके दे रहे हैं। आपसे अनुरोध है कि आप इसे विस्तारपूर्वक लिखिए।

रमेश की नई कमीज देखकर सुरेश नाक मुंह सिकोड़ना लगा। सुरेश के लिए रमेश घर की मुर्ग दाल बराबर था। वह रमेश को भाव नहीं देता था। सुरेश ईद केेेेेे चांद की तरह कभी-कभी ही रमेश से मिलता था। रमेेश ने सुरेश को समझाया कि भाई एक और एक ग्यारह होते हैं। हम दोनों साथ आएंगे तभी हमारी ताकत बढ़ेगी। सौ सुनार की एक लोहार की होती है इसलिए हम दोनोंं को मिल जुल कर रहना पड़ेगा।

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