apno ka vishwasghat manushya par kya prabhav dalta hai? ek kahani yeh bhi paath ke adhaar par likhiye.

मित्र हम आपको इस प्रश्न का उत्तर लिखकर दे रहे हैं। 
किसी भी व्यक्ति के लिए उसके अपने ही उसका सहारा होते हैं। अगर हमारा परिवार हमारे साथ है तथा हमारे मित्र सच्चे हैं तो इससे बढ़कर कोई सौभाग्य की बात हो ही नहीं सकती। हम उनपर आँखें बंद करके भरोसा कर लेते हैं। परंतु जब अपने ही इस भरोसे को तोड़ देते हैं तो सब पर से विश्वास उठ जाता है। मनुष्य शक्की बन जाता है तथा भीतर ही भीतर कुंठित होता रहता है। इस पाठ में लेखिका के पिता को भी उनके अपनों ने धोखा दिया। जब उन्हें अपने मित्रों तथा संबंधियों की आवश्यकता थी तो किसी ने उनकी मदद नहीं की। इस कारण उनके पिता का स्वभाव शक्की हो गया था। वे बेहद क्रोधी तथा चिड़चिड़े हो गए थे। विश्वासघात किसी भी व्यक्ति को तोड़कर रख देता है। 

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