bholanath ke pita ka vakyatve bataye(charecter sketch)

मित्र भोलानाथ के पिता एक सजग, व स्नेही पिता हैं। उनके दिन का आरम्भ ही भोलानाथ के साथ शुरू होता है। उसे नहलाकर पुजा पाठ कराना, उसको अपने साथ घुमाने ले जाना, उसके साथ खेलना व उसकी बालसुलभ क्रीड़ा से प्रसन्न होना, उनके स्नेह व प्रेम को व्यक्त करता है। उसको ज़रा सी भी पीड़ा हो जाए तो वह तुरन्त उसकी रक्षा के प्रति सजग हो जाते हैं। गुरू जी द्वारा सजा दिए जाने पर वह उनसे माफी माँग कर अपने साथ ही लिवा लाते हैं। यहाँ भोलानाथ के लिए उनके असीम प्रेम व सजगता का प्रमाण मिलता है। 

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