bissmillah khan ka ye khna k-"mere malik ek sur baksh de.sur m vh taseer paida kr ki ankho se scche moti ki trh angd ansu nikal aye"unke kis trh k vyaktitv ko darshata h????aur isse kya tatparya h???

लोग ईश्वर से प्रार्थना करते समय धन-दौलत, यश माँगते हैं। परन्तु बिस्मिल्ला खाँ सुर माँगते हैं। वह ईश्वर से कहते हैं कि मुझे सुर दे। सुर भी ऐसा देना, जिसे सुनकर लोगों की आँखों से प्रसन्नता के आँसू निकल जाए। अर्थात ऐसा सुर देना जिसे सुनकर लोग प्रसन्न हो जाएँ और प्रसन्नता के रूप में उनकी आँखों से आँसू निकल पड़ें।
इससे उनके सच्चे संगीत प्रेमी होने का प्रमाण मिलता है। यह पता चलता है कि उनमें अहंकार नहीं है। वह स्वयं को अब भी महान नहीं मानते हैं। उन्हें कितने भी पुरस्कार और नाम पाया हो। परन्तु ह्दय से वह आज भी स्वयं को सुर का कच्चा खिलाड़ी मानते हैं।

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