Can u please tell me this chapter's summary and what are the important questions with their answers.........please

नमस्कार मित्र,


मित्र हम आपको इस कविता का सारांश भेज रहे हैं परन्तु यह बताने में असमर्थ हैं कि इसमें क्या-क्या आ सकता है। आपको इस कविता के हर प्रश्नोत्तर की तैयारी करनी चाहिए क्योंकि कौन-सा प्रश्न पूछ लिया जाए, यह कोई नहीं बता सकता है। आशा करते हैं आप बात की गंभीरता को समझ गए होगें और इस कविता का सही से अध्ययन करेगे।


 


'अग्नि पथ' कविता में कवि हरिवंशराय बच्चन जी ने मनुष्य के संघर्षमय जीवन को अग्नि के समान कहा है। जिस प्रकार अग्नि के ऊपर से चलना संभव नहीं होता है, उसी प्रकार संघर्ष रुपी जीवन को जीना भी बहुत कठिन होता है। वह मनुष्य को प्रेरणा देते हैं कि अपनी मंजिल को प्राप्त करने के लिए हमें बिना थके, बिना रूके और बिना डरे कर्मठतापूर्वक बढ़ते रहना चाहिए। कठिनाइयाँ और कष्ट तो हमेशा हमारे चारों तरफ़ विद्यमान रहेगें। परन्तु मनुष्य वही कहलाता है, जो उन्हें धकेलता हुआ निरन्तर बढ़ता जाता है। हमारा उठा एक-एक कदम हमें अपनी मंजिल की ओर लेकर जाएगा। ऐसा मनुष्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। यह उत्साह से भरपूर कविता है, जो मनुष्य को बढ़ते रहने की प्रेरणा देती है।




 

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