Chand ka pura gayab ho jata hai

प्रिय छात्र, 
कवि ने एक छोटी बच्ची के मन की बात बताई है | कवि कहता  कि चाँद हमे बुद्धू समझता है, लेकिन हम जानते हैं कि चाँद जब बढ़ने लगता है तो बढ़ता रहता है और जब घटने लगता है घटता रहता है, और तब तक घटता है जब तक गायब ना हो जाये |  
वैसे चाँद अमावस्या  की रात को गायब हो जाता है |

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