वह कौन - सी घटना थी जिसके बारे में सुनने पर लेखिका को अपनी आँखों पर विश्वास हो पाया और न अपने कानों पर ?

कॉलिज के दिनों में एक बार पिता जी के नाम प्रिंसिपल का पत्र आया कि आपकी पुत्री की गतिविधियों के कारण उसे उचित दंड दिया जाए या न दिया जाए। इस पर पिताजी को लगा जैसे लेखिका ने कोई ऐसा अपराध किया है जिससे ख़ानदान की प्रतिष्ठा खराब हो सकती है। इस कारण वे गुस्से में प्रिंसिपल से मिलने गए। इससे लेखिका बहुत भयभीत हो गई। परन्तु प्रिंसिपल से मिलने तथा असली अपराध के पता चलने पर लेखिका के पिता को अपनी बेटी से कोई शिकायत नहीं रही। पिताजी के व्यवहार में परिवर्तन देख लेखिका को न तो अपने आँखों पर भरोसा हुआ और न ही अपने कानों पर विश्वास हुआ।

  • 0
What are you looking for?