'Hindu mandir jati bhed se pare hai'- sidh kijiye.

मित्र !

आपका उत्तर इस प्रकार है :

हिंदू मंदिर जाति भेद से परे है । मंदिर ही वह जगह है ; जहाँ हर धर्म के लोग प्रार्थना करने जाते हैं । मंदिर पूजा स्थल है । पूजा करने कोई भी आ सकता है । उदाहरण के लिए, काशी के संकटमोचन मंदिर में प्रत्येक वर्ष पाँच दिनों तक संगीत का आयोजन होता है । इस आयोजन में जाति देख कर भीड़ नहीं होती । सभी धर्म के लोग यहाँ एकत्रित होते हैं । इस प्रकार पूर्णमासी के दिन सभी धर्मों के भक्त मंदिर में पूजा करने आते है । गणेश विसर्जन हो या दुर्गा विसर्जन ; आशीर्वाद लेने वालों का धर्म मंदिर में नहीं देखा जाता ।    

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i did not understand..
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