स्त्री शिक्षा के पक्ष और विपक्ष में अपने राय प्रकट कीजियेI

 मित्र !
आपके प्रश्न `स्त्री शिक्षा के पक्ष और विपक्ष में राय` का उत्तर इस प्रकार है :

पक्ष में :
जिस प्रकार शिक्षा से बड़ी वस्तु कुछ नहीं होती, उसी प्रकार माँ से बड़ा कोई गुरु नहीं होता है। इस बात की पुष्टि हमारे आचार्यों ने भी की है तभी संस्कृत में उक्ति है ‘नास्ति विद्यासमं चक्षुर्नास्ति मातृ समोगुरु:’। जन्म लेने के बाद बालक सबसे पहले अपनी माता से सीखता है। यदि स्त्री शिक्षित है, तो बालक को अच्छे संस्कार तथा अच्छी शिक्षा दे सकती है। जीवन का प्रथम पाठ माँ ही अपने बच्चों को पढ़ाती है। स्त्री का शिक्षित होना, उसे आत्मनिर्भर बनाता है। शिक्षित स्त्री असुरक्षित नहीं है। यदि वह शिक्षित है, तो वह अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा कर सकती है । परिवार का भरण पोषण कर सकती ​है। अत: स्त्री का शिक्षित होना बहुत जरूरी है ।   
 
विपक्ष में :
बहुत सी स्त्रियाँ शिक्षित होने के बावजूद अपनी शिक्षा का दुरूपयोग करती हैं। अपने आप को आधुनिक बनाने के लिए, बड़े बुजुर्गों का मान सम्मान करना भूल जाती हैं। संस्कार तथा रीति रिवाजों का पालन करना अपनी शान के खिलाफ समझती हैं। आधुनिकता के नाम पर शिक्षित स्त्रियाँ  छोटे कपड़े पहनती हैं तथा सिगरेट पीती हैं,जिससे समाज के पथ भ्रष्ट होने का खतरा है, क्योंकि यही शिक्षा वो अपने आने वाली पीढ़ियों को देंगी। स्त्रियाँ ​का अत्यधिक शिक्षित होना, कई बार उनके विरुद्ध भी हो जाता है। विवाह के समय बराबर का लड़का नहीं मिलता, जिसकी वजह से परिवार रूपी गाड़ी के पहिए बैमेल हो जाते हैं। भारतीय समाज में, शिक्षित स्त्री एकल परिवारवाद को जन्म दे रही है। शिक्षित स्त्री चाहती है कि वह संयुक्त परिवार में ना रहे।

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I don't have Hindi keyboard to type can i tell in English?
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