INTRODUCTION OF  HINDI SPEECH PLZZ

मेरे प्यारे सहपाठियों तथा प्रिय अध्यापकगण!

आज मैं आपके सामने 'मानव के स्वास्थ्य: व्यायाम के साथ' विषय पर एक भाषण दे रहा हूँ। सदियों से मानव निरोग रहने के लिए विभिन्न उपाय करता है। उसका उद्देश्य होता है कि बीमारियाँ उससे दूर रहे और वह ऊर्जावान बना रहे। उसके लिए उसका स्वास्थ्य बहुत महत्व रखता है। यदि वह स्वयं को निरोग देखना चाहता है, तो उसके लिए बहुत आवश्यक है कि वह नियमित व्यायाम करें। व्यायाम से मनुष्य का शरीर स्वस्थ और पुष्ट रहता है। मनुष्य की माँस-पेशियाँ सुचारू रूप से काम करती हैं। उन्हें दिनभर के लिए ऊर्जा प्राप्त होती है। रक्त का प्रवाह सही रहता है। मस्तिष्क स्वस्थ्य रहता है। व्यायाम का मानव के जीवन में अभी से ही नहीं बल्कि प्राचीन समय से मान्यता प्राप्त है। ऋषि मुनियों ने तो चीरकाल से ही व्यायाम करने के लिए लोगों को प्रेरित किया है। आज चिकित्सक भी इसकी सलाह देते हैं। हमें चाहिए कि व्यायाम का साथ पाकर मनुष्य अपने जीवन को सुखमय बना सकता है।

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