Kahani me parivarik rishton ke pakhand ki jesi jhalak dekhne ko mili, kya the vastavik h? Chapter- Harihar kaka

मित्र,
आज का समाज भौतिकवाद की ओर बढ़ रहा है जिससे इंसानी रिश्तो का महत्व कम होता जा रहा है। सभी रिश्तो में स्वार्थ दिखाई देता है। आजकल घरों में बड़े आदमी को कोई नहीं पूछता वह घर में सजावटी वस्तु बनकर रह गए हैं ‌। सभी लोग आज की भागती दौड़ती जिंदगी के साथ कदम मिलाने के लिए भाग रहे हैं जिससे किसी के पास भी एक दूसरे का दुख सुख जानने का समय नहीं रहा है। भौतिकवादी और दिखावापन मैं घर के बुजुर्गों और बच्चों को एक दूसरे से दूर कर दिया है। इसे आज की पीढ़ी मानवीय रिश्तों को समझने में असफल हो गई है। समाज में रिश्तो की अहमियत में कमी आने से मनुष्य ने अपना स्वाभाविक स्वरूप खो दिया है।

 

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