khel sa vanchit bachpan par essay

मित्र हम आपको इस विषय पर आरंभ करके दे रहे हैं। इसे स्वयं विस्तारपूर्वक लिखने का प्रयास करें। इससे आपका अच्छा अभ्यास होगा और आपका लेखन कौशल बढ़ेगा।

खेलों का प्राचीन काल से ही हमारे जीवन में अपना मुख्य स्थान रहा है। वे हमारे शारीरिक तथा मानसिक विकास के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। पहले के ज़माने में पढ़ाई के साथ-साथ खेलने के लिए भी बच्चों के पास पर्याप्त समय होता था। जिसके कारण से सदैव प्रसन्न तथा निरोगी रहते थे। परंतु आज के समय में बच्चों पर पढ़ाई का बोझ इतना बढ़ गया है कि उनके पास खेलने-कूदने तक के लिए समय नहीं रह गया है। माता-पिता द्वारा पढ़ाई के लिए दवाब डाले जाने के कारण बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं। वे कुंठा का अनुभव करने लगते हैं तथा अकेले रहने लग जाते हैं। इसका प्रभाव उनके शारीरिक तथा मानसिक विकास पर भी पड़ता है।.............

 

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