MANVIYA KARUNA KI DIVYA CHAMAK--BHAVARTH.

मित्र भावार्थ है कि मनुष्य को सबके साथ प्रेम का व्यवहार करना चाहिए। करूणा ऐसा मार्ग है, जिसके माध्यम से हम लोगों की सहायता कर सकते हैं और लोगों के जीवन में स्थान पा सकते हैं। अपने लिए सभी जीते हैं परन्तु दूसरे के लिए जो जीए वही सच्चा मानव  होता है। 

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