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प्रिय विद्यार्थी , 

आपके प्रश्न का उत्तर है -
लखनवी अंदाज पाठ में लेखक ने नवाब साहब के माध्यम से हमारे समाज के यथार्थ को चित्रित किया है । वे हमारे समाज में व्याप्त दिखावे को अपनी कहानी में चित्रित करते हैं । 
आजकल के समय में भी हर जगह दिखावे का ही बोलबाला है , चाहे वो राजनीति हो  , धर्म हो अथवा हमारा समाज हो । राजनीति में पार्टियाँ एक दूसरे के सामने ऐसा दिखावा करती हैं मानो वो सबसे बड़ी हो बेहतर हो । लेकिन भीतर से सब एक जैसी ही हैं । अपने समाज में हम जो भी कार्य करते हैं , वह किसी न किसी रूप में एक दिखावा ही होता है । और हमारा धर्म पूरी तरह से दिखावे पर ही चलते हैं । 

इस आधार पर आप अपना उत्तर लिख सकते हैं । 

आभार । 

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