Please give me a short speech on POVERTY OF INDIA. In Hindi. I really need it tomorrow morning

मित्र आप इस प्रकार से भाषण लिख सकते हैं-
इस संसार के हर देश के अंदर गरीबी विद्यमान है। एक मनुष्य जो अपनी खाने-पीने संबंधी आवश्कताओं के लिए पर्याप्त धन नहीं जुटा पाता है, वह गरीबी रेखा के नीचे आता है। हर देश में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोग सम्मिलित होते हैं। इनमें अधिकत्तर मज़दूर, घरों में काम करने वाले नौकर, छोटा-मोटा ठेला चलाने वाले लोग, ठेकों में काम करने वाले लोग तथा गरीब किसान होते हैं। भारत में पीछे कुछ समय से लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। परन्तु यदि आंकड़ों की माने तो सत्तर प्रतिशत आबादी को अब भी भरपेट भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता। परन्तु भारत की स्थिति पहले ऐसी नहीं थी। प्राचीन भारत सोने की चिड़िया माना जाता था। यहाँ के मसाले, सूती कपड़ा तथा हाथ की कारीगरी का लोहा पूरे विश्व में था। परन्तु जिस दिन से इसने गुलामी की बेड़ियाँ पहनी, उसकी संपन्नता तथा धन अंग्रेज़ों द्वारा लूट लिया गया। उसके बाद भारत में बचा तो भुखमरी तथा गरीबी। आर्थिक रूप से पिछड़े इस देश को अपनी पुरानी स्थिति लाने में अनेक प्रयास किए गए। परन्तु अभी तक भारत प्रथम चरण ही समाप्त कर पाया है। यही कारण है कि भुखमरी तथा गरीबी यहाँ अपना जाल बिछाए बैठी है। आलम यह है कि इनके परिवार शिक्षा के अधिकार तथा चिकित्सा सुविधा से वंचित हैं। गरीबी को हटाने के लिए सरकार द्वारा दावे तो बहुत किए जाते हैं परन्तु वह मात्र खोखले ही दिखाई देते हैं। देश में व्याप्त भ्रष्टाचार ने लोगों को गरीब बनाने में बहुत सहयोग दिया है। गरीब और गरीब और अमीर और अमीर होता जा रहा है। बढ़ रही जनसंख्या तथा अशिक्षा भी इसका सबसे बड़ा कारण है। देश की बढ़ती जनसंख्या से भारत के साधनों पर दबाव बढ़ रहा है। संसाधन कम हो रहे हैं इस कारण बेरोज़गारी और भी विकराल रूप धारण कर रही है। यदि शीघ्र ही प्रयास नहीं किया गया, तो एक दिन पूरा भारत इस चपेट में आ जाएगा।

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