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13. 'सपनों के से दिन' पाठ में हेडमास्टर शर्मा जी की, बच्चों को मारने-पीटने वाले अध्यापकों के प्रति, क्या धारण थी जीवन-मूल्यों के सन्दर्भ में उसके औचित्य पर अपने विचार लिखिए।

 
मित्र!
आपके प्रश्न के लिए हम अपने विचार दे रहे हैं। आप इनकी सहायता से अपना उत्तर पूरा कर सकते हैं।
 
`सपनों के से दिन` पाठ में हेडमास्टर शर्मा जी बड़े नरम दिल वाले मनुष्य हैं। उन्होंने आज तक गुस्से से किसी विद्यार्थी को नहीं पीटा था। मारने-पीटने वाले अध्यापकों को शर्मा जी पसंद नहीं करते थे। यहाँ तक कि विद्यालय से निकाल देने या मुअत्तल करने से भी नहीं हिचकते थे। शर्मा जी के आदर्श बहुत ऊँचे थे। बच्चों को सही शिक्षा मार-पीट कर नहीं अपितु समझा-बुझा कर देनी चाहिए। बच्चों का मन प्यार से जीतना जरूरी होता है।

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