prastut path me lekhak kya sandesh dena chahta hai spast kijiye?

प्रस्तुत पाठ में लेख भारतीय लोगों को यह संदेश देना चाहता है कि हमें अपनी संस्कृति और भाषा पर गर्व होना चाहिए तथा उसे पूर्ण रूप से अपनाना चाहिए। आज हम विदेशी भाषा और संस्कृति को अपनाना श्रेष्ठ समझते हैं। अपनी भाषा और संस्कृति से हमें शरम आती है। अतः हमें इस भाव को भूलाकर ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे हमारी संस्कृति और भाषा फले-फूले।

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