Rahim Ke Dohe ke anusar sandrbh mein pani ke teen Arth spasht karte hue teenon ke alag alag prayog per Prakash kijiye


अर्थ: वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते हैं और सरोवर भी अपना पानी स्वयं नहीं पीती है। इसी तरह अच्छे और सज्जन व्यक्ति वो हैं जो दूसरों के कार्य के लिए संपत्ति को संचित करते हैं-
[१] वृक्ष अपना लगा हुआ फल अपने आप नहीं खाता दूसरों को देता है |
[२]सरोवर भी अपना मीठा पानी स्वंय नहीं पीता,दूसरों को पिलाता है |
[३]अच्छे इंसान हमेशा दूसरों की भलाई के लिए पहले सोचते हैं| 

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