Solve this:
ड़ आसमान से गिरा खजूर में अटका।
च. अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग।
छ. अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता।
ज. एक अनार सौ बीमार।
​झ. एक तो चोरी ऊपर से सीना ज़ोरी।

ञ​. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे।
ट. खग जाने खग की भाशा।
ठ. गए तो रोज़ा छुड़ाने, गले पड़ी नमाज़।
ड. एक म्यान में दो तलवार नहीं रह सकतीं।
ढ. जब साँस तब तक आस।
ण. कोयले की दलाली में हाथ काले।


 

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आसमान से गिरा खजूर में अटका - एक समस्या से निकल कर दूसरी समस्या में उलझ जाना 
अपनी-अपनी ढपली, अपना-अपना राग - सबका अपना-अपना बात करने का ढंग होना

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