summary of "ek dog or ek maina"

एक कुत्ता और एक मैना में कवि ने रविंद्रनाथ नाथ की सहजता, स्वभाव की विराटता और संवेदनशीलता का जो परिचय दिया है वह बहुत ही सुंदर है। वह पशु-पक्षियों के जीवन का सूक्ष्म निरीक्षण करने में कितने पारखी थे इस पाठ से ज्ञात होता है। यह पाठ निंबध शैली में लिखा गया है। इसमें कवि ने एक कुत्ते व एक मैना के माध्यम से पशु-पक्षियों के प्रति मानवीय प्रेम व स्नेह व उसके साथ ही पशु-पक्षियों से मिलने वाले भक्ति, प्रेम व करुणा का बड़ा मनोहारी वर्णन किया है। यह निबंध हमें शिक्षा देता है की हमें जीव-जन्तुओं से प्रेम व स्नेह करना चाहिए। उनसे इसके बदलते में निस्वार्थ प्रेम व स्नेह ही मिलता है।

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