summary of main sabse choti hoon

'मैं सबसे छोटी होऊँ' कविता में एक छोटी बच्ची अपनी माँ से शिकायत कर रही है। उस बच्ची को लगता है कि उसकी माँ अब उसको उतना समय नहीं दे पा रही है, जितना पहले दिया करती थी। बचपन में उसकी माँ उसे विभिन्न तरह की कहानियाँ सुनाया करती थी। उसके साथ हमेशा खेला करती थी। उसको स्वयं नहलाती थी। कपड़े इत्यादि पहनाकर तैयार करती थी। परन्तु अब माँ पहले की भांति ऐसा कुछ नहीं करती है। बच्ची अब भी माँ का प्यार-दुलार वैसा ही चाहती है, जैसा पहले हुआ करता था। पंत जी ने अपनी इस कविता में बच्ची की मन की पीड़ा बड़े सरल ढ़ग से व्यक्त की है। इसके कवि सुमित्रानंदन पंत हैं। कविता की भाषा बड़ी सरल और सरस है। 

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