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मित्र!


पता--------
दिनांक-----

प्रिय रमेश,
मेरा प्यार लेना!
तुम्हारा पत्र प्राप्त हुआ। मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई। मित्र तुम दूरदर्शन तो देखते ही होगे। आजकल हमारे प्रधान मंत्री जी मन की बात कार्यक्रम में बहुत अच्छी अच्छी बातें बताते हैं। मैं चाहता हूँ कि तुम भी इस कार्यक्रम को देख कर अपना ज्ञान वर्धन करो। इस कार्यक्रम में प्रधान मंत्री जी नए-नए विचार जनता के सामने लाते हैं। तुम्हें इससे बहुत लाभ होगा।
अब पत्र समाप्त करता हूँ। अपना ध्यान रखना और अपने माता-पिता को मेरा प्रणाम कहना। 

तुम्हारा मित्र,
सुरेश 

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