vaakh kavya saundarya

what?
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please write the question correctly!!
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गोपी अपनी सखी के कहने पर कृष्ण के समान वस्त्राभूषण तो धारण कर लेगीं परन्तु कृष्ण की मुरली को अधरों पर नहीं रखेगीं। उसके अनुसार उसे यह मुरली सौत की तरह प्रतीत होती है अत:वह सौत रूपी मुरली को अपने होठों से नहीं लगाना चाहती है। काव्य में ब्रज भाषा तथा सवैया का सुन्दर प्रयोग हुआ है जिससे चाँद की छटा निराली हो गयी है। 'ल' और 'म' वर्ण की आवृत्ति होने के कारण यहाँ पर अनुप्रास अलंकार है।
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Kya likhe ho vai....please write it correctly or in hindi
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ITS THE ALANKAR MAYBE
THANK YOU
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Vakh ka arth hota h vani . Vakh laladhya dwaara likhi gyi h . Iski bhasha khadi boli hai . Yeh kavita shanti aur bhakti ka sandesh deti h . Iska gun madhurm hai .iski shaili updeshamtak h.alankaron ke prayog se is kavita mein saundarya utpan ho rha h.
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