veer sainik ko patra likhiye

पता .............

दिनाँक ..........

वीर सैनिक,

सादर प्रणाम।

आपके विषय में समाचार-पत्र तथा टी.वी. के माध्यम से जाना की आपने उत्तराखंड में फंसे लोगों को निकालने के लिए कितनी बार अपनी जान दाँव पर लगायी है। आपने अपनी जान की परवाह नहीं की। आपके साहस के बारे में सुनकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ। मैं आपके कार्य के लिए धन्यवाद देना चाहता हूँ। आप हमारे लिए जो कार्य करते हैं उसके लिए यह धन्यवाद कम हैं। परन्तु यह कह मैं स्वयं का बोझ हल्का करना चाहता हूँ। हम भी भारत के नागरिक हैं परन्तु हम देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए आगे नहीं आ पाते। 

मैं आपके जैसा बनना चाहता हूँ। प्रयास करूँगा कि भविष्य में आपके पदचिन्हों पर चलते हुए देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करूँ। मेरी और से एक बार और धन्यवाद ग्रहण करें।

आपका शुभचिंतक

राघव

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