what is bhavachaya?

 भाववाच्य, जिन वाक्यों में कर्ता तथा कर्म दोनों ही प्रमुख नहीं होते, परन्तु भाव प्रधान होता है, वे भाववाच्य कहलाते हैं। इन वाक्यों में क्रिया में वचन तथा काल का प्रयोग भाव के अनुसार होता है; जैसे (i) बच्चों के द्वारा जाया जा रहा है।
• भाववाच्य में कर्म नहीं होता है। इसमें अकर्मक क्रिया का प्रयोग होता है।

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