Yuva varg ka videshon ke prati badhta moh per nibandh

हर देश का आधार 'युवा' होते हैं। युवा ऐसी शक्ति है, जो देश के विकास और प्रगति को नई दिशा देते हैं। इनके कंधे पर चलकर एक देश का भविष्य संवरता है। आज का युग युवाओं का है। उनके सोचने और उनके विचारों में बहुत अंतर आया है।

सबसे ज्यादा जोश और उत्साह युवाओं के अंदर देखा जाता है। हर देश कोशिश करता है कि उसके देश के युवा हर तरह से आत्मनिर्भर बने। समय के साथ-साथ स्थिति में परिवर्तन हो रहा है। आज का युवा स्वयं को मात्र आत्मनिर्भर नहीं बनाना चाहता। वह इससे बढ़कर भी बहुत कुछ चाहता है। उसको वे हर सुख चाहिए जो उसे जीवन में उसकी पहुँच के अंदर हो या बाहर। उसकी सुख की परिभाषा आज अच्छा खाना, पहनना और रहना नहीं है।  

वह सुख-संपत्ति के अतिरिक्त एक आज़ादी भरा जीवन चाहते हैं। जहाँ उन्हें कोई रोकने टोकने वाला न हो। यही कारण है कि उनमें विदेशों के प्रति आकर्षण उपज रहा है। यह आकर्षण इतना अधिक है कि वह नौकरी की तलाश में तथा उज्जवल भविष्य के लिए विदेशों की ओर रूख कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि उनके सपने यही पर पूर्ण हो सकते हैं। देश के प्रति उनका मोह लगातार कम हो रहा है। आज विदेशों में जाने वाले विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती जा रहै है।

विदेश में मिलने वाली अनगिनत सुविधायें लोगों को आकर्षित करती हैं।वहाँ का स्वतन्त्र वातावरण एवं उच्च स्तरीय जीवन शैली बहुत से लोगों के मन को लुभाती है। इसके अतिरिक्त विदेश में नौकरी करने से व्यक्ति मालामाल हो जाते हैं क्योंकि वहाँ अधिकतर उच्च वेतन मिलता है। विदेश में मध्यम वेतन प्राप्त करके भी लोग यहाँ आकर अन्य लोगों की आर्थिक स्थिति की तुलना में उच्च ही रहते हैं,उदाहरण के लिए अमरीका में कमाया गया।
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According to points like first prastawana, etc
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