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A Akash asked a question
Subject: Hindi, asked on on 30/4/14
Hiba Khan asked a question
Subject: Hindi, asked on on 21/4/12
Aayushi Jaiswani asked a question
Subject: Hindi, asked on on 26/7/13
Prajwal Wanjari asked a question
Subject: Hindi, asked on on 17/4/14
Digvijay asked a question
Subject: Hindi, asked on on 15/6/13
Shruti Nair asked a question
Subject: Hindi, asked on on 19/7/13
Prateek asked a question
Subject: Hindi, asked on on 25/5/15
Taniya asked a question
Subject: Hindi, asked on on 19/6/17
बालगोबिन भगत की संगीत-साधना का चरम उत्कर्ष उस दिन देखा गया, जिस दिन उनका बीटा मारा।  इकलौता बेटा था वह! कुछ सुस्त और बोदा-सा था, किंतु इसी कारण बालगोबिन भगत उसे और भी मानते। उनकी समझ में ऐसे आदमियों पर ही ज्यादा नजर रखनी चाहिए या प्यार करना चाहिए, क्योंकि ये निगरानी और मुहब्बत के ज्यादा हकदार होते हैं। बड़ी साध से उसकी शादी कराई थी, पतोहू बड़ी ही सुभग और सुशील मिली थी। घर की पूरी प्रबंधिका बनकर भगत को बहुत कुछ दुनियादारी से निवृत कर दिया था उसने। उनका बेटा बीमार है, इसकी खबर रखने की लोगों को कहाँ फुर्सत! किंतु मोंत तो अपनी ओर सबका ध्यान खींचकर ही रहती है। हमने सुना, बालगोबिन भगत का बेटा मर गया। कुतूहलवश उनके घर गया। देखकर दंग रह
गया। बेटे को ऑगन में एक चटाई पर लिटाकर एक सफ़ेद कपड़े से ढाँक रखा है। वह कुछ फूल तो हमेशा ही रोपते रहते, उन फूलों में से कुछ तोड़कर उस पर बिखरा दिए हैं ; फूल और तुलसीदल भी। सिरहाने एक चिराग जला रखा है। और, उसके सामने जमीन पर ही आसन जमाए गीत गाए चले जा रहे हैं! वही पुराना स्वर, वही पुरानी तल्लीनता। घर में पतोहू रो रही है जिसे गाँव की स्त्रियाँ चुप कराने की कोशिश कर रही हैं। किंतु बालगोबिन भगत गाए जा रहे हैं। हाँ, गाते-गाते कभी-कभी पतोहू के नज़दीक भी जाते और उसे रोने के बदले उत्सव मनाने को कहते। आत्मा परमात्मा के पास चली गई, विरहनी अपने प्रेमी से जा मिली, भला इससे बढ़कर आनंद की कोन बात? में कभी-कभी सोचता, यह पागल तो नहीं हो गए। किंतु नहीं, वह जो कुछ कह रहे थे, उसमें उनका विश्वास बोल रहा था-वह चरम विश्वास, जो हमेशा ही मृत्यु पर विजयी होता आया है।

(i) भगत जी की संगीत-साधना का चरम उत्कर्ष कब देखा गया ? लेखक ने `चरम-उत्कर्ष` क्यों कहा।
(ii) बालगोबिन भगत अपने पुत्र का बहुत अधिक ध्यान क्यों रखते थे ?
(iii) भगत जी ने पुत्र की मृत्यु पर पुत्रवधु को रोने के स्थान पर उत्सव मनाने के लिए क्यों कहा?
Priyanka asked a question
Subject: Hindi, asked on on 13/5/15
Kesav asked a question
Subject: Hindi, asked on on 5/3/18
Rup Mandal asked a question
Subject: Hindi, asked on on 29/7/11
Aishwary Kaushik asked a question
Subject: Hindi, asked on on 26/5/17
ratul007... asked a question
Subject: Hindi, asked on on 31/7/12
Sarvesh Kumar asked a question
Subject: Hindi, asked on on 31/7/16
Sunny Riyaz asked a question
Subject: Hindi, asked on on 17/7/11
PALLAVIPATHAK72... asked a question
Subject: Hindi, asked on on 30/5/11
Akshay Bhatnagar asked a question
Subject: Hindi, asked on on 18/8/11
Saurabha Bhat asked a question
Subject: Hindi, asked on on 27/7/14
Rohan Dash asked a question
Subject: Hindi, asked on on 4/10/14
Mayank Raj asked a question
Subject: Hindi, asked on on 30/6/13
Barsha Roy asked a question
Subject: Hindi, asked on on 30/7/13
Sher Singh Yadav asked a question
Subject: Hindi, asked on on 18/6/13
Isha Murarka asked a question
Subject: Hindi, asked on on 12/7/17
Explain

भादों की वह अँधेरी अधरतिया।  अभी, थोड़ी ही देर पहले मूसलाधार वर्षा ख़त्म हुई।  बादलों की गरज, बिजली की तड़प में आपने कुछ नहीं सुना हो, किंतु अब झिल्ली की झंकार या दादुरों की टर्र - टर्र बालगोबिन भगत के संगीत को अपने कोलाहल में डुबो नहीं सकतीं।  उनकी खँजड़ी डिमक - डिमक बज रही है और वे गा रहे हैं -`गोदी में पियवा, चमक उठे सखिया, चिहुँक उठे ना !` हाँ, पिया तो गोद  में ही है, किंतु वह समझती है, वह अकेली है, चमक उठती है, चिहुँक उठती है।  उसी भरे-बदलोंवाले भादों की आधी रात में उनका गाना अँधेरे में अकस्मात कौंध उठनेवाली बिजली की तरह किसे न चौंका देता ? अरे, अब सारा संसार निस्तब्धता में सोया है, बालगोबिन भगत का संगीत जाग रहा है, जगा रहा है।  तेरी गठरी में लागा चोर, मुसाफिर जाग जारा।
sumitmutneja11... asked a question
Subject: Hindi, asked on on 8/5/14
Aryan asked a question
Subject: Hindi, asked on on 6/5/14
Sumit Lohiya asked a question
Subject: Hindi, asked on on 11/5/12
Akshay Kumar Pandey asked a question
Subject: Hindi, asked on on 16/11/14
Darshan asked a question
Subject: Hindi, asked on on 14/1/18
Plz anser question .no. 8 full All question
8. निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) बालगोबिन भगत ने पुत्र की मृत्यु पर अपनी पुत्रवधू को रोने के स्थान पर उत्सव मनाने के लिए क्यों कहा? पाठ के आधार पर लिखिए।
(ख) 'मानवीय करुणा की दिव्य चमक' पाठ में लेखक को फ़ादर बुल्के की उपस्थिति देवदार की छाया जैसी क्यों लगती थी?
(ग) 'लखनवी अंदाज़' पाठ में नवाब साहब के माध्यम से नवाबी परंपरा पर क्या व्यंग्य किया गया है? विचाक करके लिखिए।
(घ) मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का विकास कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति? 'संस्कृति' पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।
(ड) 'परंपराएँ' समाज की प्रगति के मार्ग की बाधा बन जाएं, तो उन्हें तोड़ देना चाहिए।' कैसे? 'स्त्री-शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

 
Arzoo asked a question
Subject: Hindi, asked on on 21/4/15
Priya Sharma asked a question
Subject: Hindi, asked on on 13/5/13
Anish Mandal asked a question
Subject: Hindi, asked on on 6/3/18
Shruti Menon asked a question
Subject: Hindi, asked on on 23/6/13
Harsh asked a question
Subject: Hindi, asked on on 7/5/18
Bhavya asked a question
Subject: Hindi, asked on on 10/4/15
Mehak Seth asked a question
Subject: Hindi, asked on on 30/4/16
Minhaj asked a question
Subject: Hindi, asked on on 18/1/18
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