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पत्र लेखन - अनौपचारिक पत्र

फैशन में समय नष्ट करने वाली छोटी बहन को प्रेरणाप्रद पत्र लिखिए।


4/50, पश्चिम विहार,

नई दिल्ली।

दिनांक: ................

प्रिय बहन पल्लवी,

शुभाशीष!

मुझे यह ज्ञात हुआ कि तुम अपनी शिक्षा के प्रति बहुत ही लापरवाह हो गई हो। तुम नियमित रूप से विद्यालय भी नहीं जा रही हो और अपनी पढ़ाई में भी ध्यान नहीं दे रही हो। तुम्हारी अध्यापिका द्वारा तुम्हें चेतावनी भी दी जा चुकी है। ये सब सुनकर मुझे बहुत कष्ट हुआ है।

तुम तो बहुत समझदार हो। तुम्हें इस बात का ज्ञान होना आवश्यक है कि तुम अपना बहुमूल्य समय पढ़ने-लिखने के स्थान पर फैशन में और व्यर्थ के क्रियाकलापों में नष्ट कर रही हो। मनुष्य के जीवन में शिक्षाकाल बहुत महत्वपूर्ण होता है। हमारे भविष्य की नींव इसी समय पर रखी जाती है। यदि तुम इसी तरह पढ़ाई-लिखाई छोड़कर फैशन के नाम पर समय नष्ट करती रहोगी तो दिशा भटक जाओगी। तुम स्वयं अपने हाथों से अपना भविष्य बर्बाद कर बैठोगी। पिताजी को हमसे बहुत आशाएँ हैं। हमारी शिक्षा में कोई बाधा न आए, इसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इस तरह के व्यवहार से तुम उनकी मेहनत व आशाओं में पानी फ़ेर रही हो।

आशा करती हूँ कि तुम मेरे इस पत्र को गंभीरता से लोगी और अपना ध्यान अपनी पढ़ाई में लगाओगी।

तुम्हारी बड़ी बहन,

लता


1670, मुनिरका,
नई दिल्ली।

दिनांक: ............

प्रिय भाई रवि,

सदा प्रसन्न रहो!

कल पिताजी का पत्र मुझे मिला। यह जानकर मुझे बहुत दु:ख हुआ कि तुम नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा रहे हो और न ही अपनी परीक्षा की तैयारियाँ भली-भाँति कर रहे हो। पिताजी तुम्हारे इस प्रकार के व्यवहार से बहुत दुखी हैं। भाई इस प्रकार का व्यवहार सही नहीं है। तुम्हारे इस लापरवाही वाले व्यवहार से तुम्हारे जीवन में विपरीत असर पड़ेगा।

जीवन में यदि सफलता प्राप्त करना चाहते हो तो तुम्हें कड़ा परिश्रम करना पड़ेगा। पढ़ाई में पूरा ध्यान लगाना पड़ेगा। यदि तुम व्यर्थ के क्रियाकलापों में अपना कीमती समय व्यतीत करोगे तो अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ करोगे। इस तरह तुम माता-पिताजी की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ करोगे। उन्हें तुमसे बहुत अपेक्षाएँ हैं। तुम्हें चाहिए कि इस समय तुम सिर्फ़ अपनी परीक्षाओं पर ध्यान दो। यदि तुम नियमित विद्यालय नहीं जाओगे और परीक्षाओं की भली-भाँति तैयारी नहीं करोगे तो परीक्षाएँ पास करना कठिन हो जाएगा।

आशा करता हूँ कि तुम अब किसी को भी शिकायत का मौका नहीं दोगे। घर में माँ और पिताजी को चरण स्पर्श कहना व नीता को प्यार।

तुम्हारा भाई,

विशाल


परीक्षा भवन,

दिनांक............

आदरणीय दीदी,

सप्रेम चरण स्पर्श!

यहाँ सब कुशलमंगल है। आशा है माता-पिता एवं भैया के साथ आप भी कुशलतापूर्वक होंगी। कल मैंने समाचार-पत्र में परीक्षा परिणाम के साथ आ…

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