सर्वनाम क्या है और उसके भेद ?

मित्र वाक्य में संज्ञा शब्दों का बार-बार प्रयोग न करके उनके स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग होता है, उन्हें सर्वनाम कहते हैं; अर्थात् जो शब्द सब संज्ञा की जगह प्रयोग किए जाते हैं, वे सर्वनाम कहलाते हैं।

 सर्वनाम शब्दों का अपना कोई अलग से अर्थ नहीं होता है; जैसे - वह लड़का है तो 'वह' शब्द लड़के के लिए आया है। अत: सर्वनाम शब्द का अर्थ उनके संदर्भ में होता है जिसके लिए प्रयोग हो, उसी जैसा हो जाता है।

सर्वनाम के प्रकार:-

सर्वनाम के छ: प्रकार होते हैं -

(1) पुरूषवाचक सर्वनाम

(2) सम्बंधवाचक सर्वनाम

(3) निश्चयवाचक सर्वनाम

(4) अनिश्चयवाचक सर्वनाम

(5) प्रश्नवाचक सर्वनाम

(6) निजवाचक सर्वनाम

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