kisi bhi charchit  person ka apni nijta ko savarjanil karna ya dusron ka unse aisi apeksha karna sahi hai.is topic ke paksh aur vipaksh bataiye?

नमस्कार मित्र!
पक्ष
हर मनुष्य का अपनी निजी जीवन होता है। वह केवल उसका है यदि वह किसी कारणवश अपना जीवन दूसरों के समक्ष उजागर करता है तो यह सही नहीं है या फिर कोई दूसरा उनसे यह आशा लगाए कि वह उसको सब बता दे तो यह दोनों बातें सही नहीं है। इस तरह वह अपना जीवन सबके सम्मुख खोल कर रख देखता है। यह समाज के लिए आनंद का विषय होता है। उन्हें उसके जीवन से कोई सरोकार नहीं होता। उन्हें तो बस यह देखना होता है कि इसके जीवन में कोई ऐसा समय है, जिसमें उन्हें आनंद आ सके या फिर कोई ऐसी जानकारी मिल सके, जिससे वह उसकी निंदा कर सकें। इससे उसका न तो सम्मान बढ़ता है और न लोगों से उसको दया मिलती है। इसी तरह यदि हमें कोई कहे कि तुम अपने निजी जीवन के विषय में हमको बता दो, तो हम उसे सबकुछ नहीं बताएंगे। उचित नहीं है।
विपक्ष
यदि कोई अपना जीवन सबके सम्मुख रखता है तो वह सबके और समीप आ जाता है। लोगों से उसकी घनिष्टता बढ़ती है। दूसरों को अपने जीवन से जुड़ी दुखद घटना बताकर, वह अपना दुख कम कर सकता है। अपने अच्छे पलों का वर्णन कर वह सबसे अपनी खुशियाँ बाँट सकता है। अपनी समस्याओं का हल जान सकते हैं।मित्रों की संख्या बढ़ा सकता है। स्वयं के विषय में पुस्तक लिख धन अर्जित कर सकता है। किसी के विषय में जानकर उसकी समस्याओं को हल कर सकते हैं। उसे सहानुभूति दे सकते हैं। उसका साथ देकर उसे दुख से निकाल सकते हैं। एक अच्छा मित्र बना सकते हैं।
 
ढेरों शुभकामनाएँ!
 

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 1 VALA VIPAKSH HAI AUR DOODRA PKSHA

  • -3

1 VIPAKSHA HAI 2 PAKSHA HAI

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