what is the moral of the poem "jhansi ki rani"

1. हमें कभी किसी के सामने झुकना नहीं चाहिए और अपनी आज़ादी के लिए सदैव प्रयासरत रहना चाहिए।
2. अपने सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।




 

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