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पत्र लेखन - अनौपचारिक पत्र

छोटे भाई को योग एवं प्राणयाम करने के लिए प्रेरित करते हुए पत्र लिखिए।

बी-15, नानकपुरा रोड़,

नई दिल्ली।

दिनांक : ...............

 

प्रिय कमल, 

बहुत प्यार!

बहुत दिनों से तुमसे बात करना चाह रहा था। परन्तु व्यस्तता के कारण नहीं कर पाया। कल पिताजी का पत्र आया था। उनसे पता चला कि तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। तुम पढ़ाई करने में इतना समय व्यतीत करते हो कि अपने स्वास्थ्य की ओर तुम्हारा ध्यान नहीं जाता। देर तक जागना और समय पर भोजन नहीं करना, अच्छी बात नहीं है। ऐसा करने से तुम्हारे शरीर का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इस तरह स्वास्थ्य की अवहेलना करना ठीक नहीं है। तुम्हें जहाँ समय पर सोना और भोजन करना चाहिए, वहीं तुम्हें थोड़ा-सा समय योग एवं प्राणायाम के लिए भी निकालना चाहिए। ऐसा करने से तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक रहेगा। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग एक गुणकारी औषधि के समान कार्य करता है।

प्रात:काल उठकर थोड़ा-सा समय योग व प्राणायाम का अभ्यास करो। इससे रक्त का संचारण सुचारू रूप से होगा, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, माँसपेशियों को मज़बूती मिलेगी और तुम सदैव प्रसन्नचीत व स्वास्थ्य रहोगे। मेरी इस सलाह को मानकर नियमित रूप से योग व व्यायाम करो। तुम्हें ज़रूर लाभ मिलेगा।

तुम्हारा भाई

वीरेन्द्र

बी-15, नानकपुरा रोड़,

नई दिल्ली।

दिनांक : ...............

 

प्रिय कमल, 

बहुत प्यार!

बहुत दिनों से तुमसे बात करना चाह रहा था। परन्तु व्यस्तता के कारण नहीं कर पाया। कल पिताजी का पत्र आया था। उनसे पता चला कि तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक नहीं है। तुम पढ़ाई करने में इतना समय व्यतीत करते हो कि अपने स्वास्थ्य की ओर तुम्हारा ध्यान नहीं जाता। देर तक जागना और समय पर भोजन नहीं करना, अच्छी बात नहीं है। ऐसा करने से तुम्हारे शरीर का संतुलन बिगड़ता जा रहा है। इस तरह स्वास्थ्य की अवहेलना करना ठीक नहीं है। तुम्हें जहाँ समय पर सोना और भोजन करना चाहिए, वहीं तुम्हें थोड़ा-सा समय योग एवं प्राणायाम के लिए भी निकालना चाहिए। ऐसा करने से तुम्हारा स्वास्थ्य ठीक रहेगा। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग एक गुणकारी औषधि के समान कार्य करता है।

प्रात:काल उठकर थोड़ा-सा समय योग व प्राणायाम का अभ्यास करो। इससे रक्त का संचारण सुचारू रूप से होगा, जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी, माँसपेशियों को मज़बूती मिलेगी और तुम सदैव प्रसन्नचीत व स्वास्थ्य रहोगे। मेरी इस सलाह को मानकर नियमित रूप से योग व व्यायाम करो। तुम्हें ज़रूर लाभ मिलेगा।

तुम्हारा भाई

वीरेन्द्र


410, -ब्लाक,

मोती बाग,

नई दिल्ली

दिनांक: ...........

प्रिय अजीत,

स्नेह!

बहुत दिनों से तुमसे सम्पर्क न होने के कारण तुम्हें पत्र लिख रहा हूँ। कुछ समय पहले मेरी मुलाकात तुम्हारे करीबी मित्र से हुई। उसके द्वारा मुझे ज्ञात हुआ कि तुमने धूम्रपान करना आरम्भ कर दिया है। यह जानकर मुझे बहुत कष्ट हुआ।

तुम एक बुद्धिमान व समझदार विद्यार्थी हो। तुम्हें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि धूम्रपान करने से बहुत तरह की बीमारियों का खतरा हो सकता है। धूम्रपान करने से व्यक्ति के फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिससे तपेदिक (टी.बी) व दमा जैसी बीमारियाँ शरीर में घर बना लेती हैं। आरंभ में तुम्हें इसके दुष्परिणाम नजर नहीं आएगें। परन्तु धीरे-धीरे यह तुम्हारे शरीर व जीवन को खोखला बना देगा। तुम्हारे इस कार्य से माता-पिता को भी बड़ा दुख होगा। अत: तुम्हें चाहिए कि तुम इस व्यसन को छोड़ दो। इस व्यसन को छोड़ने के लिए सुबह उठकर व्यायाम व योगा करो, संयम से काम लो तभी तुम स्वयं का हित कर पाओगे।

योगा तुम्हारा मनोबल बढ़ाएगा तथा व्यायाम से तुम स्वयं को तरोताज़ा महसूस करोगे। व्यायाम व योगा करने से धूम्रपान का दुष्प्रभाव भी कम हो जाता है। सही समय पर उठाया गया कदम जीवन को नई दिशा देता है। मैं आशा करता हूँ कि तुम अपने बड़े भाई की बात मानते हुए दुबारा धूम्रमान नहीं करोगे।

तुम्हारा बड़ा भाई,

लक्ष्मण


410, -ब्लाक,

मोती बाग,

नई दिल्ली

दिनांक: ...........

प्रिय अजीत,

स्नेह!

बहुत दिनों से तुमसे सम्पर्क न होने के कारण तुम्हें पत्र लिख रहा हूँ। कुछ समय पहले मेरी मुलाकात तुम्हारे करीबी मित्र से हुई। उसके द्वारा मुझे ज्ञात हुआ कि तुमने धूम्रपान करना आरम्भ कर दिया है। यह जानकर मुझे बहुत कष्ट हुआ।

तुम एक बुद्धिमान व समझदार विद्यार्थी हो। तुम्हें इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि धूम्रपान करने से बहुत तरह की बीमारियों का खतरा हो सकता है। धूम्रपान करने से व्यक्ति के फेफड़ों में संक्रमण का खतरा बना रहता है। जिससे तपेदिक (टी.बी) व दमा जैसी बीमारियाँ शरीर में घर बना लेती हैं। आरंभ में तुम्हें इसके दुष्परिणाम नजर नहीं आएगें। परन्तु धीरे-धीरे यह तुम्हारे शरीर व जीवन को खोखला बना देगा। तुम्हारे इस कार्य से माता-पिता को भी बड़ा दुख होगा। अत: तुम्हें चाहिए कि तुम इस व्यसन को छोड़ दो। इस व्यसन को छोड़ने के लिए सुबह उठकर व्यायाम व योगा करो, संयम से काम लो तभी तुम स्वयं का हित कर पाओगे।

योगा तुम्हारा मनोबल बढ़ाएगा तथा व्यायाम से तुम स्वयं को तरोताज़ा महसूस करोगे। व्यायाम व योगा करने से धूम्रपान का दुष्प्रभाव भी कम हो जाता है। सही समय पर…

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